दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मिलने वाली मिड डे मील की गुणवत्ता की जांच के लिए सरकार ठोस कदम उठाने जा रही है। सरकार इसके लिए एजेंसी किराए पर लेगी जो इन सभी स्कूलों में मिलने वाले मध्याह भोजन के पोषण की जांच करेंगी। सरकार चाहती है कि किसी भी कीमत पर बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। बता दें कि मिड डे मील पीएम पोषण स्कीम के अंतर्गत दी जाती है।
भोजन उन्ही मानकों पर बनाया जा रहा हो, ये देखने के लिए एजेंसी हायर करेगी
इस स्कीम के तहत सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में क्लास 1 से 8 और प्री प्राइमरी के बच्चों को गर्म ताजा खाना परोसा जाता है। इस मील के पोषण में किसी तरह की कमी न हो और जो मानक तय किए गए हैं। भोजन उन्ही मानकों पर बनाया जा रहा हो, ये देखने के लिए एजेंसी हायर करेगी।
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स्कूलों के साथ-साथ रसोई और भोजन के गोदामों से खाने के सैंपल लेगी
रिपोर्ट के अनुसार इस बारे में डायरेक्ट्रेट ऑफ एजुकेशन, दिल्ली का कहना है कि, सरकार एक एजेंसी किराए पर लेगी जो स्कूलों के साथ-साथ रसोई और भोजन के गोदामों से खाने के सैंपल लेगी। इसके तहत पके हुए भोजन के साथ-साथ कच्चे माल के सैम्पल भी लिए जाएंग जिनका वक्त-वक्त पर परीक्षण किया जाएगा। इसके पीछे कारण ये है कि स्कूलों में बच्चों को केवल गुवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाए और निर्धारित पोषण मूल्य से समझौता न किया जाए।
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