नई दिल्ली. लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा 30 अप्रैल तक येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को गर्मी से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। विभाग का कहना है कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
लिक्विड डाइट से रखें शरीर को हाइड्रेट
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। लस्सी, सादा पानी, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में सहायक होते हैं। इसके अलावा तरबूज, खरबूजा, संतरा, खीरा और टमाटर जैसे मौसमी फल और सब्जियों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और ऊर्जा बनाए रखता है।
तेज धूप से बचाव के लिए जरूरी उपाय
दोपहर के समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक प्रभावी होती हैं, जिससे शरीर पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में सलाह दी गई है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना ही पड़े तो छायादार स्थानों पर रुककर शरीर को ठंडा रखने का प्रयास करें। साथ ही हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने से भी गर्मी का प्रभाव कम किया जा सकता है।
संवेदनशील वर्गों के लिए बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से कुछ वर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। नवजात शिशु, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, मानसिक और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। इन लोगों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे ऐसे लोगों को गर्मी से सुरक्षित वातावरण में रखें और उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दें।
हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना है जरूरी
हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसके लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद आवश्यक है। शरीर में पीलापन आना, चक्कर महसूस होना, अत्यधिक पसीना या कभी-कभी पसीना बंद हो जाना, सिरदर्द, उल्टी, त्वचा का लाल और सूखा हो जाना, बेचैनी और चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख संकेत हैं। इसके अलावा दिल की धड़कन तेज होना और मांसपेशियों में कमजोरी भी देखी जा सकती है, जिससे व्यक्ति सामान्य कार्य करते समय भी अत्यधिक थकान महसूस करता है।
आपात स्थिति में तुरंत करें संपर्क
तेज धूप में काम करने वाले मजदूरों और श्रमिकों के लिए यह समय विशेष रूप से जोखिम भरा होता है। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। आपातकालीन सेवाओं के लिए टोल-फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है, जबकि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए 104 नंबर उपलब्ध है।