आइजोल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तेज बारिश की वजह से भूस्खलन, मडफ्लो और पत्थर गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
जिला प्रशासन के अनुसार, बीते कुछ घंटों में हुई भारी वर्षा के चलते कई क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ गई है। एहतियातन 28 अप्रैल को सभी स्कूलों, जिसमें हायर सेकेंडरी संस्थान भी शामिल हैं, को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
देश के अन्य हिस्सों में गर्मी का प्रकोप
जहां एक ओर पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं देश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हीटवेव से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश
- केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा है कि:
- हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय रखा जाए
- एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह तैयार रहें
- समय रहते चेतावनी जारी की जाए
- हीट स्ट्रोक मामलों की रियल-टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए
IMD की चेतावनी: बढ़ सकते हैं हीटवेव के दिन
India Meteorological Department के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव दिन देखने को मिल सकते हैं। खासकर पूर्वी, मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।
इन राज्यों में ज्यादा असर
- मौसम विभाग के मुताबिक:
- ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में गर्मी अधिक रहेगी
- गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी लू चलने की संभावना है
तापमान का हाल
देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर बिहार और पूर्वोत्तर भारत में तापमान अपेक्षाकृत कम, 36 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
एक देश, दो मौसम की मार
कुल मिलाकर, जहां पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, वहीं देश के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।