भीषण गर्मी और उमस के बीच अब देश के कई राज्यों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आगामी घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अनेक राज्यों में तेज बारिश और आंधी का दौर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वातावरण में बन रही विभिन्न मौसमी प्रणालियां व्यापक स्तर पर अस्थिरता पैदा कर रही हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ने की संभावना बनी हुई है।
85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में तेज गर्जना के साथ 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था और हवाई सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी ताजा सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा खतरे की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के कई हिस्सों में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात की घटनाओं का खतरा बना हुआ है। पिछले वर्षों में भी ऐसे मौसम के दौरान बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान देखने को मिला है। इसलिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी में जुटी हुई हैं।
किसानों और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
कृषि गतिविधियों में लगे किसानों को मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। वहीं मछुआरों को समुद्र, नदी और तटीय क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान जल क्षेत्रों में गतिविधियां जोखिमपूर्ण साबित हो सकती हैं, इसलिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
बंगाल की खाड़ी और असम में सक्रिय हैं मौसमी प्रणालियां
मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी तंत्र जिम्मेदार माने जा रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट के पास एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो रहा है। इसके साथ ही मध्य असम और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से नमी की आपूर्ति बढ़ रही है, जिससे कई राज्यों में वर्षा और आंधी की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले जरूर जानें मौसम का हाल
यदि आप पहाड़ी राज्यों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करना बेहद आवश्यक है। भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक मौसम परिवर्तन की संभावना के चलते पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज देश के बड़े हिस्से में असर दिखा सकता है।