मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों, संपादकों, मीडिया कर्मियों और पत्रकारिता से जुड़े लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने पिछले दो सौ वर्षों में समाज, राष्ट्र और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
‘उदन्त मार्त्तण्ड’ से हुई थी हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में हिन्दी पत्रकारिता के जनक माने जाने वाले पंडित युगल किशोर शुक्ल को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने ‘उदन्त मार्त्तण्ड’ के माध्यम से हिन्दी पत्रकारिता की नींव रखी थी, तब उनका उद्देश्य केवल समाचारों का प्रसार करना नहीं था, बल्कि समाज और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता पैदा करना भी था। उन्होंने कहा कि उस समय पत्रकारिता एक मिशन थी, जिसका मूल उद्देश्य जनजागरण, सामाजिक चेतना और देशहित को आगे बढ़ाना था। आज भी पत्रकारिता को उसी मूल भावना और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने में निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की यात्रा भी है। पत्रकारिता ने समय-समय पर जनता की आवाज को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यह समाज में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हिन्दी पत्रकारिता ने आमजन की भावनाओं, समस्याओं और अपेक्षाओं को मंच प्रदान कर लोकतंत्र को समृद्ध बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
बदलते दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज डिजिटल युग में सूचना का प्रसार पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो गया है। ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबरें देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना और सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देना भी है। इसलिए पत्रकारिता के मूल्यों, विश्वसनीयता और नैतिकता को बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
देशहित और जनहित को सर्वोच्च रखने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता दिवस केवल एक अवसर नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का दिन है, जिन पर पत्रकारिता की नींव रखी गई थी। उन्होंने सभी पत्रकारों से देशहित, जनहित और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिन्दी पत्रकारिता आने वाले समय में भी समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
हिन्दी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो शताब्दियों की यात्रा के दौरान हिन्दी पत्रकारिता ने अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हमेशा समाज और राष्ट्र के हितों को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज भी हिन्दी पत्रकारिता देश के करोड़ों लोगों के लिए सूचना, जागरूकता और अभिव्यक्ति का सबसे प्रभावशाली माध्यम बनी हुई है।