New Delhi | देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 14 और 15 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओले गिरने का भी खतरा है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों पर रुकने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों के अनुसार बर्फबारी भी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के लिए मौसम का पूर्वानुमान क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग है। IMD के 14 अक्टूबर के उपखंडवार पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मानना सही नहीं होगा। लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश का समय और तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग रह सकती है। किसानों को फसलों की स्थिति और स्थानीय मौसम चेतावनियों के अनुसार जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
दक्षिण भारत में तेज बारिश का दौर
दक्षिण भारत में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, रायलसीमा और यानम में 14 अक्टूबर से बारिश हो सकती है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई इलाकों में भी आने वाले दिनों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इससे बारिश की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
सुबह-शाम बढ़ सकती है ठंडक
मानसून की विदाई और मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, दिन के समय तापमान अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है। ठंड बढ़ने की रफ्तार स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहना चाहिए। तेज हवाओं के समय कमजोर ढांचों, बिजली के खंभों और लटकते तारों से दूरी बनाए रखें। किसानों और वाहन चालकों को भी स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए।