बरेली: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली से पहले प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। बरेली पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की बात भी कही गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की अहम भूमिका है। वे गांव में रहकर स्थानीय गतिविधियों की जानकारी जुटाते हैं और संबंधित थाने के अधिकारियों तक पहुंचाते हैं।
ग्राम प्रहरियों का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों को 1,500 रुपये मानदेय मिलता था। उनकी सरकार ने वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये किया था। अब एक बार फिर मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद ग्राम प्रहरियों को 3,500 रुपये मिलेंगे।सीएम योगी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने के साथ होमगार्ड, पीआरडी कर्मियों और ग्राम प्रहरियों को भी आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
ग्राम प्रहरी और परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
मानदेय बढ़ाने के साथ मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधा का भी ऐलान किया। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी हैं ग्राम प्रहरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांवों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपने गांव में रहकर सूचनाएं एकत्र करते हैं और उन्हें थानाध्यक्ष या दरोगा तक पहुंचाते हैं।सीएम ने गांवों में ग्राम प्रहरियों की भूमिका की तुलना सीसीटीवी से करते हुए कहा कि उनकी स्थानीय मौजूदगी पुलिस को गतिविधियों की जानकारी जुटाने में मदद करती है। इससे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में सहयोग मिलता है।
CM योगी बोले- उत्तर प्रदेश में बदला माहौल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है और बरेली इसका उदाहरण है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाएं होती थीं, जबकि अब लोग सुरक्षित माहौल में पर्व मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का विश्वास बढ़ा है और सामूहिक प्रयासों से प्रदेश में उत्सव का माहौल बना है। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।