कोलकाता: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को कोलकाता के राजाबाजार से मार्च का आह्वान किया गया है। कालीघाट तृणमूल के छात्र-युवा संगठन की ओर से प्रस्तावित इस कार्यक्रम को लेकर सोमवार से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। मार्च से पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक और नागरिक अधिकारों को लेकर पुलिस का रुख स्पष्ट किया है।
‘हर मार्च के लिए तय नियमों का पालन जरूरी’
मार्च की अनुमति को लेकर पुलिस कमिश्नर ने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने कहा कि किसी भी जुलूस या मार्च के लिए निर्धारित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।उन्होंने बताया कि आयोजकों को पहले से यह जानकारी देनी होती है कि मार्च कहां से शुरू होगा, कब आयोजित होगा, किस रास्ते से जाएगा और इसमें कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन इन पहलुओं की समीक्षा करते हैं।
एक ही इलाके में कई कार्यक्रम होने पर बदल सकती है स्थिति
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, कई बार एक ही दिन या एक ही इलाके में दूसरे कार्यक्रम भी निर्धारित होते हैं। ऐसी स्थिति में संभावित ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करना जरूरी होता है।उन्होंने कहा कि अगर कोई मार्च निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए अपनी मर्जी से निकाला जाता है, तो इससे शहर में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।
लोकतांत्रिक अधिकार के साथ दूसरों के अधिकार भी जरूरी
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हर व्यक्ति और संगठन को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने का अधिकार है। लेकिन इन अधिकारों का इस्तेमाल करते समय दूसरे नागरिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखना जरूरी है।उन्होंने कहा कि आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पुलिस के लिए इन दोनों पहलुओं के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी पुलिस की नजर
पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर होने वाली पोस्ट और कथित उकसावे वाली गतिविधियों पर भी पुलिस को नजर रखनी पड़ती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को लगातार सतर्क रहना होता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ शहर की व्यवस्था और नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
ट्रैफिक जाम और नागरिकों की परेशानी से बचने पर जोर
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकना जरूरी है। समय पर अनुमति लेना, तय नियमों के अनुसार कार्यक्रम करना और आम लोगों की आवाजाही बाधित नहीं होने देना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।नियमों का पालन नहीं होने पर ट्रैफिक जाम के साथ नागरिकों को अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मार्च को लेकर पहले ही बढ़ चुका है राजनीतिक तनाव
राजाबाजार से प्रस्तावित मार्च को लेकर सोमवार रात मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी कड़ा बयान दिया था। एक पूजा कार्यक्रम के बाद उन्होंने दुर्गापूजा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी।मुख्यमंत्री ने राजाबाजार से मार्च को आगे नहीं बढ़ने देने की बात कही और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की मदद लेने की बात भी कही। ऐसे में मंगलवार के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है।
अब मार्च और पुलिस व्यवस्था पर नजर
एक तरफ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक मार्च का आह्वान किया गया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि मंगलवार को राजाबाजार से प्रस्तावित कार्यक्रम किस तरह आगे बढ़ता है और पुलिस-प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाती है।