नई दिल्ली - राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर 2026 तक जारी रखने की अनुमति मांगी है। मौजूदा व्यवस्था के तहत तैनाती की समयसीमा 12 अक्टूबर बताई गई है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संभावित प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की जरूरत पड़ सकती है। पुलिस ने पत्र में विभिन्न संगठनों के संभावित प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।
पहले 301 CAPF कंपनियों की मिली थी मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने राजधानी में कुल 301 CAPF कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी थी। इनमें से 221 कंपनियों की तैनाती के लिए 6 अक्टूबर और 80 अतिरिक्त कंपनियों के लिए 8 अक्टूबर को मंजूरी दी गई थी। यह व्यवस्था 10 अक्टूबर तक के लिए बताई गई थी। हालांकि, अतिरिक्त 80 कंपनियों में से 28 कंपनियां 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बलों की तैनाती की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है।
दिल्ली पुलिस की ओर से भेजे गए पत्र में 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक जारी रखने की मांग की गई है। इस पर गृह मंत्रालय की अंतिम मंजूरी और लागू होने वाली शर्तों की जानकारी अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
जंतर-मंतर से संसद भवन तक सुरक्षा पर नजर
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि संभावित प्रदर्शनों के दौरान जंतर-मंतर, चुनाव आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन हो सकते हैं। गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन की संभावना का उल्लेख किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन स्थानों की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। हालांकि, इन जगहों पर प्रदर्शन होने की आशंका को फिलहाल संभावित स्थिति के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी विशेष स्थान पर प्रदर्शन की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
CJP और अन्य संगठनों के प्रदर्शन की आशंका
दिल्ली पुलिस ने पत्र में CJP और अन्य संगठनों के संभावित प्रदर्शनों का जिक्र किया है। इसके अलावा भीम आर्मी, छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए जाने की आशंका भी जताई गई है। 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़े पैमाने पर CAPF की तैनाती की गई थी। अब आगामी दिनों में संभावित कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनाए रखना चाहती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी
दिल्ली पुलिस ने CAPF की तैनाती बढ़ाने की मांग कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी के तौर पर की है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से संवेदनशील इलाकों में निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, 20 अक्टूबर तक CAPF की तैनाती बढ़ाने का अनुरोध गृह मंत्रालय को भेजा गया है। अब आगे की व्यवस्था मंत्रालय के निर्णय पर निर्भर करेगी। राजधानी में संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस की सुरक्षा तैयारियां और संबंधित आदेश आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेंगे।