कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अचानक दिल्ली दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मंगलवार, 13 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय के निमंत्रण पर दिल्ली पहुंचे, जहां उन्हें एक बैठक और रात्रिभोज में शामिल होना था। वहीं, अमित शाह 17 और 18 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा क्यों रहा चर्चा में?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन के लिए पहले से तय अपने कार्यक्रमों में बदलाव करते हुए दिल्ली का रुख किया। रवाना होने से पहले उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उन्हें आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उन्हें एक बैठक और रात्रिभोज में शामिल होना था। यह कार्यक्रम बिम्सटेक (BIMSTEC) सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से जुड़ा था। उन्होंने उसी रात कोलकाता लौटने की योजना भी बताई।
इस अचानक हुए दौरे के बीच राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हुईं। कुछ रिपोर्टों में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों की तैयारियों तथा भाजपा के संगठनात्मक मामलों पर चर्चा की संभावना जताई गई। हालांकि, बैठक का विस्तृत एजेंडा आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया था।
17 और 18 अक्टूबर को बंगाल आएंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दुर्गा पूजा के दौरान दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर आने वाले हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, वह 17 अक्टूबर की शाम अहमदाबाद से कोलकाता पहुंचेंगे। रात में उनके अलीपुर स्थित सौजन्य अतिथि गृह में ठहरने की संभावना है। इसके बाद 18 अक्टूबर को वह विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेंगे।
बेलूर मठ से शोभाबाजार राजबाड़ी तक का कार्यक्रम
अमित शाह के दौरे की शुरुआत 18 अक्टूबर की सुबह बेलूर मठ से होने की संभावना है। यहां वह रामकृष्ण मठ और मिशन के मुख्यालय में समय बिताएंगे और पूजा में शामिल हो सकते हैं।
इसके बाद उनके बाली स्थित देशबंधु क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल जाने का कार्यक्रम है। फिर वह कोलकाता के चेटला स्थित 24 पल्ली पूजा पंडाल और ऐतिहासिक शोभाबाजार राजबाड़ी पहुंच सकते हैं। शोभाबाजार राजबाड़ी में पूजा और आरती देखने की भी संभावना जताई गई है।
दौरे के अंतिम चरण में शाह के सॉल्ट लेक के श्रीभूमि दुर्गा पूजा पंडाल जाने की योजना है। इसके बाद वह कोलकाता हवाई अड्डे से दिल्ली लौटेंगे। यह कार्यक्रम भाजपा सूत्रों के हवाले से सामने आया है; इसमें बदलाव संभव है।
बंगाल की राजनीति के लिहाज से भी अहम दौरा
पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद यह पहली दुर्गा पूजा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और अमित शाह के प्रस्तावित बंगाल प्रवास पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर किसी विशेष राजनीतिक फैसले या बैठक के नतीजे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।