लखनऊ: उत्तरप्रदेश में बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं। गोमती समेत चार नदियों के उफान पर होने के कारण लखनऊ, गोंडा और सीतापुर के कई इलाके प्रभावित बताए जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर गया है। रिवर फ्रंट भी जलमग्न है। जलभराव की स्थिति को देखते हुए चंद्रिका देवी मंदिर को बंद कर दिया गया है।जानकारी के मुताबिक, 40 हजार से ज्यादा घरों में 3 से 4 फीट तक पानी भरा है, जबकि 3 लाख से अधिक लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ के बीच डेंगू के मामले बढ़ने की भी चिंता है। पिछले 10 दिनों में 100 से ज्यादा मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त राहत सामग्री, पीने का पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
लखनऊ में सड़कों से घरों तक भरा पानी
बाढ़ और जलभराव के कारण लखनऊ के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पानी बह रहा है और गलियां जलमग्न हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है।रिवर फ्रंट में भी पानी भरने की खबर है। वहीं, जलभराव के चलते चंद्रिका देवी मंदिर को बंद कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन मुश्किल होने से लोगों को जरूरी सामान जुटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
40 हजार से ज्यादा घर प्रभावित, 3 लाख लोगों पर असर
जानकारी के अनुसार, बाढ़ के कारण 40 हजार से अधिक घरों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है। इससे तीन लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की बात कही गई है।घरों में पानी भरने से लोगों के सामने भोजन, साफ पेयजल और दवाइयों की व्यवस्था करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और जरूरी सामान लाने में भी कठिनाइयां हो रही हैं।
बच्चों की तबीयत खराब, नाव और दवाइयों की कमी का आरोप
बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों ने प्रशासन की राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में बच्चे बीमार हैं, लेकिन दवाइयां लेने के लिए बाहर जाने पर नाव उपलब्ध नहीं हो पा रही है।लोगों के मुताबिक, कई स्थानों पर राशन और पीने का पानी भी नहीं पहुंच रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन की सहायता कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित है। जलभराव के बीच बुजुर्गों को भी जरूरी सामान जुटाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
बाढ़ के बीच डेंगू का खतरा बढ़ा
जलभराव के बीच डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा दी है। दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 10 दिनों में 100 से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं।बाढ़ प्रभावित इलाकों में साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में लोगों को बुखार या अन्य लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और आसपास सफाई बनाए रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
गोंडा और सीतापुर में भी बाढ़ का असर
लखनऊ के अलावा गोंडा और सीतापुर में भी बाढ़ की स्थिति से कई इलाके प्रभावित बताए जा रहे हैं। गोमती समेत चार नदियों में जलस्तर बढ़ने की जानकारी के बीच निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रमुख चुनौती है।