ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी उपस्थित रहे।
भारत का रुख
बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के नागरिकों की जान गई है। इस संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, जो सभी विदेशी जहाजों पर कार्यरत थे।
भारत ने इस पूरे संकट के समाधान के लिए स्पष्ट किया कि यह केवल बातचीत और शांति के माध्यम से ही हल किया जा सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि वे तनाव कम करें और आपसी संवाद के जरिए रास्ता निकालें।
ईरान का रुख
इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट उनका नियंत्रण क्षेत्र है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। ईरान ने स्पष्ट किया कि यह मार्ग तभी खुलेगा जब उनकी शर्तें मानी जाएंगी।
अमेरिका का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि अमेरिका को ईरान युद्ध में जीत मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्तों में ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसेना क्षमताएं समाप्त हो चुकी हैं और उनकी सैन्य ताकत कमजोर हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान को ‘स्टोन एज’ यानी पाषाण काल में भेज देगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।