देशभर में अप्रैल से ही पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई राज्यों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने एक राहत भरी भविष्यवाणी की है—इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है।
मई के अंत तक दक्षिण भारत में बारिश के आसार
मौसम मॉडल्स के अनुसार, मानसून की शुरुआत इस बार जल्दी हो सकती है। यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के अनुमान के मुताबिक, मई के आखिर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून आमतौर पर सबसे पहले पहुंचता है, और इस बार 18 से 25 मई के बीच इसकी शुरुआत होने के संकेत हैं।
नमी भरी हवाएं और ट्रॉपिकल सिस्टम बढ़ा रहे संभावना
हिंद महासागर से आने वाली नमी भरी हवाएं तेज हो रही हैं, जो बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय हो रही हैं। इसके चलते इन इलाकों में सामान्य से 30-60 मिमी ज्यादा बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अंडमान क्षेत्र के पास एक ट्रॉपिकल सिस्टम बनने की 20-40% संभावना है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
खेती और पानी के लिए अहम साबित हो सकता है जल्दी मानसून
दक्षिण भारत के कई हिस्से खेती और जल स्रोतों के लिए मानसून पर निर्भर हैं। ऐसे में समय से पहले बारिश होने पर किसानों को बड़ा फायदा मिल सकता है और फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी।
गर्मी और IOD भी बना रहे अनुकूल माहौल
इस साल की भीषण गर्मी और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की संभावित पॉजिटिव स्थिति मानसून को मजबूत बना सकती है। जब समुद्र का पश्चिमी हिस्सा ज्यादा गर्म होता है, तो भारत की ओर अधिक नमी आती है, जिससे बारिश बढ़ती है।
हालांकि अभी गर्मी से राहत नहीं
IMD ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। लेकिन अगर मौसम की स्थितियां ऐसी ही बनी रहीं, तो 25 मई के आसपास मानसून भारत में दस्तक दे सकता है।