पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि साल 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल करने के बड़े लक्ष्य को पूरा करने में संसद के दोनों सदनों में पारित हुए शांति विधेयक 2025 की भूमिका अहम रहेगी।
शांति विधेयक 2025 की भूमिका अतिमहत्वपूर्ण
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2025 भारत के ऊर्जा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज किया जाएगा, जब देश ने अपनी एनर्जी सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ लंबी अवधि की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India विधेयक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य होगा हासिल
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल करने का यह बड़ा लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने बताया कि साल 1962 के परमाणु ऊर्जा कानून को आज की तकनीक और जरूरतों के अनुसार अपडेट करने के लिए मोदी सरकार ने शांति विधेयक पेश किया, क्योंकि मौजूदा सिस्टम में सुरक्षा नियम पूरे चक्र में समान नहीं थे और नियामक संस्थाओं की शक्तियां सीमित थीं।शांति बिल 2025 निजी क्षेत्र की भागीदारी के रास्ते खोलेगा, जिससे भारत और विदेशी कंपनियां मिलकर नए परमाणु संयंत्र स्थापित करेंगी और 2047 तक 100 गीगावॉट का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। यह भारत को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती परमाणु ऊर्जा के नए युग में ले जाएगा।सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह पहल केवल एक कानून नहीं है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने, युवाओं के लिए नए अवसर खोलने और विकसित भारत के उज्जवल भविष्य की नींव रखने वाली है।
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