भारत में घरों और मंदिरों में रखा सोना अब वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े स्वर्ण भंडारों में से एक माना जा रहा है। एसोचैम (द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों और धार्मिक स्थलों में लगभग 50,000 टन सोना मौजूद है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 10 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग ₹830 लाख करोड़ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह मात्रा दुनिया के शीर्ष 10 केंद्रीय बैंकों के कुल स्वर्ण भंडार से भी अधिक है। यदि इस सोने को अर्थव्यवस्था में औपचारिक रूप से निवेश किया जाए, तो भारत की आर्थिक वृद्धि दर में बड़ा उछाल आ सकता है।
RBI के पास 880.3 टन सोने का भंडार
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास 880.3 टन सोना है, जो वैश्विक स्तर पर 8वें स्थान पर आता है। इसके मुकाबले अमेरिका के पास 8,133 टन सोना है। हालांकि निजी स्वामित्व में भारत दुनिया में सबसे आगे माना जाता है।
भारतीय घरों में सोना बना सबसे बड़ी संपत्ति
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुमान के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच सोने की कीमतों में आई तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय घरों में रखे सोने की कुल वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुकी है, जो भारत की जीडीपी का लगभग 125% है।
बैंक जमा और शेयर बाजार में निवेश की तुलना में सोने का मूल्य लगभग 175% अधिक है।
कुल गैर-रियल एस्टेट संपत्ति में सोने की हिस्सेदारी करीब 65% तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीयों के निवेश व्यवहार में आज भी सोना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद संपत्ति माना जाता है।