डेबरा - पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति भी उतनी ही गर्म होती जा रही है। इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस, एआईएमआईएम और वामदल भी चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटे हैं।
बीजेपी-टीएमसी में सीधा मुकाबला
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी पिछले करीब 15 वर्षों से सत्ता में है और इस बार भी वापसी की कोशिश कर रही है। वहीं बीजेपी इस बार पूरी ताकत और आक्रामक रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरी है, जिसका लक्ष्य टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर करना है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने बंगाल में व्यापक प्रचार अभियान छेड़ रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जैसे बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं और पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
अमित शाह का ममता बनर्जी पर प्रहार
इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डेबरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, विकास और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर टीएमसी को घेरा और जनता से बदलाव का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल का यह चुनाव न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आएगी, सियासी बयानबाजी और चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
हम बाढ़ की समस्या का समाधान करेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डेबरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, आज मैं यहां घाटाल की बाढ़ की बात भी करना चाहता हूं। घाटाल की बाढ़ आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 1,500 करोड़ रुपये का घाटाल के विकास का मास्टर प्लान भेजा। उन्होंने आगे कहा कि, 60% पैसे की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी उठाने वाले थे लेकिन TMC सरकार ने घाटाल मास्टर प्लान का कचरा कर दिया। आप चिंता मत कीजिए, भाजपा की सरकार बनाइए। घाटाल मास्टर प्लान को एक साल के अंदर लागू करके हम बाढ़ की समस्या का समाधान करेंगे।