नई दिल्ली. गर्मियों की छुट्टियों के दौरान हर वर्ष बढ़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने इस बार व्यापक योजना तैयार की है। रेल मंत्रालय के अनुसार 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 के बीच 18,262 फेरे विशेष ट्रेनों के संचालित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि भीड़भाड़ की स्थिति से राहत मिल सके।
उच्च मांग वाले मार्गों पर विशेष ध्यान
रेलवे ने उन मार्गों को प्राथमिकता दी है, जहां गर्मियों के दौरान यात्रियों की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है। इन मार्गों पर विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। इससे न केवल लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के बीच आवागमन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
अब तक हजारों फेरों की घोषणा
रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक 11,878 फेरों वाली विशेष ट्रेनों की घोषणा की जा चुकी है, जबकि शेष ट्रेनों की जानकारी भी जल्द ही जारी की जाएगी। यह कदम दर्शाता है कि रेलवे चरणबद्ध तरीके से अपनी योजना को लागू कर रहा है, ताकि समय रहते यात्रियों को पर्याप्त विकल्प मिल सकें और वे अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकें।
रेल मंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों के संचालन की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जाए। समीक्षा बैठक में ट्रेनों के समय, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
रेलवे द्वारा चलाई जा रही इन विशेष ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को सहज बनाना है। इसके साथ ही स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए रेलवे तकनीकी और प्रबंधन दोनों स्तरों पर तैयारी कर रहा है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बढ़ावा
गर्मी की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग पर्यटन के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में विशेष ट्रेनों के संचालन से पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ पहुंचेगा।
यात्रा को बनाएगा अधिक सहज और सुलभ
रेलवे की यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि वह यात्रियों की जरूरतों को समझते हुए समयानुसार निर्णय ले रहा है। 18 हजार से अधिक विशेष ट्रेन फेरों का संचालन निश्चित रूप से लाखों यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा और उनकी यात्रा को अधिक सहज, सुरक्षित और सुलभ बनाएगा।