ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीय पर्यटकों और पेशेवरों की मदद और सुरक्षित निकासी के लिए उच्च प्राथमिकता पर अभियान शुरू किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय में काम कर रही है। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन को राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने एक समर्पित सहायता तंत्र तैयार किया है, जिसमें राजनयिक स्तर पर समन्वय और सामुदायिक सहयोग शामिल है। फंसे हुए लोगों की सहायता के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन शुरू की गई है। मंत्री गिरीश महाजन वीडियो कॉल के जरिए प्रभावित नागरिकों से सीधे संपर्क कर उनकी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
राज्य सरकार विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रही है। नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) जारी की गई हैं। खाड़ी देशों में सक्रिय मराठी मंडलों और अन्य भारतीय संगठनों को भोजन, अस्थायी आवास और आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कुवैत में ट्रांजिट यात्रियों को आ रही वीजा संबंधी दिक्कतों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ऐसे यात्रियों को अस्थायी ठहराव और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ हवाई क्षेत्र अब भी बंद हैं, लेकिन Air India और अन्य वाणिज्यिक एयरलाइंस परिस्थितियां अनुकूल होने पर चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर रही हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने दोहराया कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जैसे ही सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होंगे, परिवहन की व्यवस्था तत्काल की जाएगी। दूतावासों के साथ मिलकर प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा रहा है।
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