तेहरान। मिडिल ईस्ट में युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के नौवें दिन इजराइल ने ईरान के तेल भंडार और रिफाइनरी से जुड़े कई ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों में ईरान के 30 फ्यूल टैंक और 3 बड़े तेल डिपो को निशाना बनाया गया। राजधानी तेहरान के तेल भंडारण क्षेत्र में हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिसकी लपटें दूर तक दिखाई दीं।
ईरान का पलटवार, 5 देशों पर हमले
इजराइली हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने **इजराइल के अलावा कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और यूएई** पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल से जुड़े 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
6 महीने तक युद्ध लड़ने का दावा
IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड लंबे समय तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान 6 महीने तक संघर्ष जारी रख सकता है।
कुवैत के एयरबेस पर ड्रोन हमला
ईरान ने कुवैत के अल-अदीरी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार हमले में अमेरिकी हेलीकॉप्टर मरम्मत केंद्र, फ्यूल टैंक और कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया, जिससे एयरबेस में बड़ी आग लग गई।
तेहरान में ‘काली बारिश’ का दावा
हमलों के बाद तेहरान में अजीब स्थिति देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शहर में तेल मिश्रित काले रंग की बारिश देखी गई, जो हमले के बाद उठे धुएं और तेल के कारण हुई बताई जा रही है।
अब तक हजारों लोग प्रभावित
युद्ध के दौरान ईरान में अब तक 6,600 से ज्यादा नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है।
5,500 से ज्यादा घरों को नुकसान
1,000 से अधिक दुकानों को क्षति
14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध में अब तक 1,483 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इजराइल में 1,700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
ट्रम्प का बयान
इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि लगातार हमलों के दबाव में ईरान अब कमजोर हो गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पड़ोसी देशों से माफी मांग चुका है और अब पहले जैसा दबदबा नहीं रहा।
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