इंदौर में रविवार का दिन रंगपंचमी के खास आयोजनों के लिए तैयार है। शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों से लोग लंबे समय से इस गेर का इंतजार कर रहे हैं। दूर-दराज के शहरों से लोग भी खासतौर पर इस परंपरा में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। रविवार को सुबह 11 बजे से गेर की शुरुआत होगी, लेकिन राजवाड़ा पर लोग इससे काफी पहले ही जुटने लगेंगे। गेर का आयोजन लगभग शाम चार बजे तक चलेगा। तयशुदा चार किलोमीटर के मार्ग पर लाखों लोग गेर देखने पहुंचेंगे।
इंदौर की गेर केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह मालवा की संस्कृति, उत्साह और अपनत्व का जीवंत प्रतीक है। इसमें कोई अमीर-गरीब या बड़ा-छोटा नहीं होता; सभी रंगों में रंगे होकर उत्सव का हिस्सा बनते हैं। रंगपंचमी पर यह गेर इंदौर में जन्मा और अब इतना बड़ा हो चुका है कि इसे वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं। यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। सरकारी अफसरों ने गेर के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और लोग इसे देखने के लिए तैयार हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गेर में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे मार्ग और आसपास की इमारतों में पुलिस तैनात रहेगी। 500 से अधिक पुलिसकर्मी गेर मार्ग पर ड्यूटी करेंगे। इसके अलावा दस से ज्यादा ड्रोन मार्ग पर निगरानी रखेंगे और 200 से ज्यादा कैमरे हाईटेक मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए हैं।
हेलीकॉप्टर से फूल और गुलाल बरसाए जाएंगे
इस बार गेर में हेलीकॉप्टर से फूल और गुलाल बरसाए जाएंगे। यह पहला मौका होगा जब गेर में शामिल लोगों का स्वागत आसमान से किया जाएगा।
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