दुनिया भर में जब भी राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश करने लगते हैं। इतिहास गवाह है कि ऐसी परिस्थितियों में सोना सबसे भरोसेमंद निवेश के रूप में सामने आता है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता के कारण भी सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इसी तरह अस्थिर बनी रहती हैं, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि संभव है।
भारतीय स्वर्ण व्यवसायी का बड़ा दावा
भारत के प्रमुख स्वर्ण कारोबारी जॉय अलुक्कास ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनती है, तब लोग स्वाभाविक रूप से अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। उनके अनुसार यह प्रवृत्ति कुछ समय के लिए कीमतों में तेज उछाल ला सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में सोने की कीमतों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
विशाल स्वर्ण कारोबार और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
जॉय अलुक्कास भारतीय मूल के उन चुनिंदा उद्योगपतियों में शामिल हैं जिन्होंने स्वर्ण आभूषणों के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई है। वे Joyalukkas Group के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। यह समूह भारत के साथ-साथ कई विदेशी देशों में स्वर्ण और हीरे के आभूषणों का बड़ा कारोबार करता है। समूह के सैकड़ों विक्रय केंद्रों में बड़ी मात्रा में सोना संग्रहित रहता है, जिसे मिलाकर लगभग सोलह हजार किलोग्राम सोने का भंडार माना जाता है।
संघर्ष के बीच विदेश में फंसे उद्योगपति
जानकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के दौरान जॉय अलुक्कास विदेश में ही मौजूद थे और वहीं से उन्होंने अपना साक्षात्कार दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों में अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों का भरोसा सुरक्षित परिसंपत्तियों पर बढ़ जाता है। इसी कारण सोने की मांग में तेजी देखी जाती है और इसका असर कीमतों पर भी पड़ता है।
एक वर्ष में तेजी से बढ़ी कीमतें
पिछले एक वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आर्थिक अस्थिरता, मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक संकटों के कारण सोना निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव लंबा चलता है, तो सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना केवल आभूषण ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक निवेश का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। आर्थिक संकट या युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसकी मांग बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने को सुरक्षित संपत्ति के रूप में शामिल करते हैं। वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में भी सोने की भूमिका आर्थिक सुरक्षा के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में बनी रह सकती है।
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