पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस से लदे दो बड़े जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुके हैं और अब भारतीय तटों की ओर अग्रसर हैं। इन जहाजों के सुरक्षित निकलने को ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है।
भारी मात्रा में गैस से भरे हैं दोनों जहाज
इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर लगभग 93 हजार टन एलपीजी लदी हुई है। एक जहाज में करीब 47,600 टन और दूसरे में लगभग 45,000 टन गैस मौजूद है। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में रसोई गैस की उपलब्धता को स्थिर करने में सहायक सिद्ध होगी और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करेगी।
आपूर्ति व्यवस्था को मिलेगा मजबूत सहारा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार इन जहाजों के आगमन से एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। हाल के दिनों में उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में आवश्यक ईंधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
विदेशी आपूर्ति से और बढ़ेगी उपलब्धता
सूत्रों के अनुसार भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से भी एलपीजी की अतिरिक्त खेप सुनिश्चित की है, जो अगले सात से दस दिनों के भीतर भारतीय तटों पर पहुंचने वाली है। इन अंतरराष्ट्रीय आपूर्तियों के साथ-साथ घरेलू उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देश की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी।
बंदरगाहों पर तय समय पर पहुंचेगा माल
मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार एक जहाज गुरुवार शाम तक कांडला बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि दूसरा जहाज शुक्रवार सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। इन जहाजों के समय पर पहुंचने से वितरण प्रणाली को गति मिलेगी और बाजार में गैस की उपलब्धता में तेजी आएगी।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार आश्वस्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और पेट्रोल तथा डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इस स्थिति में एलपीजी की आपूर्ति में भी जल्द स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटनाक्रम न केवल वर्तमान संकट को नियंत्रित करेगा, बल्कि भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति के प्रति भरोसा भी मजबूत करेगा।