रायपुर। छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। हाल ही में हुए सोशल ऑडिट की रिपोर्ट ने पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में नियमों को दरकिनार करते हुए 151.07 करोड़ रुपए के फर्जी भुगतान किए गए हैं। इसके साथ ही 19.66 करोड़ रुपए के सीधे गबन के 6,331 मामले भी सामने आए हैं।
प्रदेश की कुल 11,717 पंचायतों में से 11,302 का ऑडिट किया गया, जिसमें रिकॉर्ड संधारण और टेंडर प्रक्रिया के उल्लंघन के 13,861 मामले दर्ज किए गए हैं। बिलासपुर और कोरबा जिले गड़बड़ियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं, जहां सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आई हैं।
यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं और कमजोर निगरानी तंत्र को लेकर रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं।
सियासत भी गरम
सोशल ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद अब यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि इस बार ऑडिट सख्ती से किया जा रहा है और गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आर्थिक व्यवस्था ही कमजोर है तो ऐसे सोशल ऑडिट का क्या मतलब है।
क्या कहते हैं आंकड़े
151.07 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान
19.66 करोड़ रुपए के गबन के 6,331 मामले
13,861 मामलों में नियमों का उल्लंघन
11,302 पंचायतों का ऑडिट