प्रयागराज - पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने देश के विभाजन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने महात्मा गांधी को विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि वे चाहते, तो देश का बंटवारा रोका जा सकता था।
स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान...
शिवगंगा आश्रम, झूंसी में प्रवास के दौरान रविवार को भक्तों को संबोधित करते हुए पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि जब देश का विभाजन स्वीकार कर लिया गया, तो सभी मुसलमानों को पाकिस्तान नहीं भेजा गया। उनके अनुसार, यही कारण है कि देश आज कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है।
कलाम, रहीम और रसखान जैसे महान व्यक्तित्व हुए हैं
चार धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर उठ रही मांग के संदर्भ में पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने संतुलित टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में अब्दुल कलाम, रहीम और रसखान जैसे महान व्यक्तित्व भी हुए हैं, जिनका समाज में सम्मान है। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार रखने वाले हर व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन यदि कोई गलत मंशा से कहीं जाता है, तो उसे रोका जाना चाहिए।
स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने नैतिक जीवन पर दिया जोर
अपने संबोधन में पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने नैतिक जीवन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव अपने अधिकारों की सीमा में रहकर कर्म करना चाहिए। सद्कर्म से अर्जित धन ही परिवार को सुख देता है, जबकि गलत तरीके से कमाया गया धन अंततः दुख का कारण बनता है।
स्वामी ने संस्कारों की आवश्यकता पर बल दिया
शिवगंगा आश्रम, झूंसी में प्रवास के दौरान रविवार को भक्तों को संबोधित करते हुए पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने शिक्षा के साथ संस्कारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शास्त्रों के अनुसार किया गया कार्य ही सफल होता है, इसलिए व्यक्ति को जीवन में सदैव शास्त्रसम्मत मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।