मणिपुर: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। उखरूल जिले में कुकी उग्रवादियों द्वारा किए गए कथित हमले में पश्चिम बंगाल के हुगली निवासी और मालवाहक ट्रक चालक नीतिश दास की मौत हो गई। नीतिश दास हुगली जिले के त्रिवेणी स्थित बसुदेवपुर इलाके के रहने वाले थे। घटना शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर हुई। हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया है।
सुरक्षा एस्कॉर्ट के बावजूद काफिले पर हमला
जानकारी के मुताबिक, नीतिश दास सेना के लिए एफसीआई का चावल इम्फाल से उखरूल लेकर जा रहे थे। उनके ट्रक को सुरक्षा देने के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस की एस्कॉर्ट टीम तैनात थी। बताया जा रहा है कि शांगखाई इलाके से लगभग छह किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद लईंगांगचिंग और टीएम कासोम के बीच उग्रवादियों ने अचानक काफिले पर हमला कर दिया। गोलीबारी में नीतिश दास की मौके पर ही मौत हो गई।
हमले से पहले सड़क जाम, सुरक्षा बलों ने छोड़े आंसू गैस के गोले
सूत्रों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले शांगखाई इलाके में ट्रकों की आवाजाही रोकने के लिए सड़क अवरुद्ध कर दी गई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। रास्ता साफ होने के बाद ट्रकों का काफिला दोबारा उखरूल की ओर रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही दूरी पर हमला हो गया।
पुलिस कांस्टेबल घायल, अस्पताल में भर्ती
हमले में मणिपुर पुलिस के कांस्टेबल डिसिंगगाम मारिंगमेई (34) भी घायल हुए हैं। वह इम्फाल पश्चिम जिले के सांगाइप्रो इलाके के निवासी हैं। उनके घुटने में गोली लगी है और फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नीतिश दास की मौत की खबर मिलते ही परिवार सदमे में है। उनकी पत्नी गीतारानी दास का एक साल पहले निधन हो चुका था। परिवार में एक बीमार बेटा और एक बेटी है। बताया गया है कि उनका बेटा नगेन दास पैंक्रियाटाइटिस से पीड़ित है। नीतिश ही परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और अपनी कमाई से बेटे के इलाज व घर का खर्च चलाते थे।
10 साल से चला रहे थे ट्रक, अब नहीं लौटेंगे घर
परिवार के मुताबिक, नीतिश दास पिछले 10 वर्षों से असम में ट्रक चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। वह रोज अपनी बेटी से फोन पर बात करते थे और गुरुवार सुबह भी बेटी से उनकी बातचीत हुई थी। परिवार का कहना है कि उन्होंने छह महीने पहले घर लौटने की बात कही थी, लेकिन अब वह कभी वापस नहीं आएंगे।
परिवार ने बंगाल सरकार से मांगी मदद
बताया जा रहा है कि ट्रक पर उनके भाई हंस दास का फोन नंबर लिखा था, जिसके जरिए अन्य ट्रक चालकों ने परिवार को घटना की जानकारी दी। नीतिश की बेटी और भाई हंस दास मणिपुर पहुंच चुके हैं। परिवार ने पश्चिम बंगाल सरकार से मदद की गुहार लगाई है।