नई दिल्ली- देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताते हुए 20 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
20 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने रविवार के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत 20 राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि कुछ इलाकों में 61 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और गुजरात, हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के शेष हिस्सों में भी इसकी प्रगति जारी रहेगी।
गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश बनी आफत
गुजरात में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। जूनागढ़ जिले के मेंडरडा क्षेत्र के समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार वाहन फंस गए, जिनमें सवार 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं महाराष्ट्र के भिवंडी में बाजार क्षेत्र में लगभग तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे दुकानें बंद करनी पड़ीं और लोगों को कमर तक पानी में चलकर निकलना पड़ा।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में जलभराव
राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल के माइनर ऑपरेशन थिएटर तक में पानी भर गया, जिसके बाद मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर समेत 26 से अधिक जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बह गए पंचायत सहायक का शव भी बरामद कर लिया गया।
उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी असर
उत्तर प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव के कारण कारें और बाइक आधी तक पानी में डूब गईं। वहीं जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कौघा के पास भूस्खलन होने से सड़क बंद करनी पड़ी और यातायात प्रभावित हुआ।
उत्तराखंड में SDRF ने किया रेस्क्यू
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे काम कर रही एक जेसीबी और उसके दो कर्मचारी तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने त्वरित अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दिल्ली-NCR के लिए यलो अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
मुंबई में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए बीएमसी ने दोपहर की पाली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने शहर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव हुआ, जबकि मेट्रो सेवाएं तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित रहीं। ठाणे के कलवा इलाके में पेड़ गिरने से दो लोग घायल भी हुए।
हिमाचल में सड़कें टूटीं, यात्रा रोकी गई
हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का लगभग 200 मीटर हिस्सा बहा दिया, जिसके चलते प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है, जबकि चंबा और रामपुर क्षेत्रों में भी भूस्खलन और पुल बहने से संपर्क प्रभावित हुआ है।