भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के अनुसार सितंबर के आखिरी सप्ताह में मानसून का रुख स्पष्ट रूप से बदलने लगा है। अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का एक सिस्टम सक्रिय हो गया है जिसकी वजह से मानसून की धारा फिर दक्षिण की ओर मुड़ती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून की विदाई का प्रारंभिक संकेत है। रविवार को दक्षिण भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश की संभावना बनी हुई है। गुजरात में भी तेज बारिश हो सकती है क्योंकि ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पर Deep Depression बनने की आशंका जताई गई है। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है जहां एक तरफ बारिश हो रही है तो दूसरी तरफ गर्मी का प्रभाव भी कुछ इलाकों में बना हुआ है।
दस राज्यों में Yellow Alert जारी
IMD ने रविवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र सहित कुल दस राज्यों में बारिश का Yellow Alert जारी किया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई जिलों में भी बरसात की संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों में मानसून धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ेगा लेकिन फिलहाल कई क्षेत्रों में सक्रिय बारिश का दौर जारी रहेगा। यह स्थिति किसानों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता बरतने की मांग करती है क्योंकि अचानक तेज बारिश से स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
अंडमान सागर पर बने कम दबाव के सिस्टम के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर Deep Depression विकसित होने की संभावना बढ़ गई है। Deep Depression सामान्य नमी वाली हवाओं की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली होता है और चक्रवाती तूफान से पहले वाली तीव्र बारिश जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। ओडिशा के बालासोर, जगतसिंहपुर, कटक, जाजपुर, भद्रक और पुरी जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की पूरी आशंका है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी आज से ही तेज बारिश शुरू हो सकती है। दोनों राज्यों में अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ठंड का बढ़ता असर
दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी शुरू हो गई है जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऊंचे क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और यह ठंड अगले कुछ दिनों में मैदानी इलाकों तक भी अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। मानसून की वापसी के साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का यह मिजाज सामान्य माना जाता है लेकिन अचानक ठंड बढ़ने से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। बर्फबारी की यह गतिविधि मानसून के पूरी तरह विदा होने की प्रक्रिया को और स्पष्ट करती है क्योंकि पहाड़ों पर बर्फ जमा होने के साथ ही ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ने लगती हैं।
आगे के दिनों में मौसम का संभावित रुख
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून की वापसी का सिलसिला और तेज होगा। दक्षिण भारत में बारिश का सक्रिय दौर फिलहाल जारी रह सकता है जबकि उत्तर और मध्य भारत में धीरे-धीरे बारिश कम होने लगेगी। Deep Depression के प्रभाव से तटीय राज्यों में भारी वर्षा का खतरा अभी बना हुआ है इसलिए इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। कुल मिलाकर मौसम अभी भी अस्थिर बना हुआ है जहां मानसून विदाई की तैयारी कर रहा है लेकिन कई राज्यों में सक्रिय बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी एक साथ देखने को मिल रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें।