भोपाल | मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मौसम ने अचानक करवट ले ली। बीते 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत कई शहरों में बारिश का दौर जारी रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
42 जिलों में बारिश, कई जगह भारी पानी
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों और कस्बों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में करीब पौन इंच दर्ज की गई। इसके अलावा बड़वानी, मुलताई, भैंसदेही और दमोह सहित कई इलाकों में आधा इंच या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जिससे खेतों में खड़ी और कटी फसलें भीग गईं।
19 जिलों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
प्रदेश के 19 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंदसौर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, छतरपुर और विदिशा समेत कई जिलों में गेहूं, चना, सरसों और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों के कारण कई जगह फसलें खेतों में ही बिछ गईं।
तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही
बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया।
धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान
धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।
रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर
रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया।
### तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।
किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
### आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है।
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