मुंबई: गणपति उत्सव के बीच मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। कालाचौकी के दत्ताराम लाड मार्ग पर गणपति पंडाल के पास अचानक करंट फैलने से दो लोगों की जान चली गई। मृतकों में 8 साल की एक बच्ची भी शामिल है। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तड़के पंडाल के पास मची अफरा-तफरी
यह हादसा रविवार तड़के करीब 2:20 बजे हुआ। उस समय लालबाग इलाके में गणपति दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। पंडाल के प्रवेश द्वार के पास अचानक करंट फैलने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे।
8 साल की बच्ची समेत दो की मौत
करंट की चपेट में आने वालों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। 8 वर्षीय रागिनी यादव को बायकुला स्थित मसीना अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में 33 वर्षीय सुजाता की भी मौत हो गई।
चार लोग घायल, 12 साल की बच्ची ICU में भर्ती
हादसे में चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों की पहचान किरण अकबर नाइक, तन्वी नरेश हांडे, साहिल संदीप तारे और 12 वर्षीय रूही सिंह के रूप में हुई है। इनमें रूही सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे ICU में भर्ती कराया गया है। बाकी घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीमें
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस, BEST और नगर निगम के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद की गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
शॉर्ट सर्किट से करंट फैलने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में पंडाल के प्रवेश द्वार के पास लगाए गए अस्थायी पानी और कोल्ड ड्रिंक स्टॉल के आसपास शॉर्ट सर्किट होने की बात सामने आई है। पंडाल और स्टॉल के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की गई थी। हालांकि करंट फैलने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे के बाद कालाचौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संबंधित एजेंसियां बिजली व्यवस्था और मौके पर मौजूद अस्थायी कनेक्शनों की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और बिजली व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।
गणपति उत्सव के दौरान लालबाग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पंडाल के पास हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।