राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा और रखरखाव को सुदृढ़ बनाने के लिए एआई आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। इस पहल के तहत देशभर के लगभग 40 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्ग नेटवर्क पर आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे सड़क की स्थिति का नियमित और सटीक आकलन संभव हो सकेगा।
पेट्रोलिंग वाहनों में लगेगी स्मार्ट तकनीक
इस प्रणाली के अंतर्गत मार्ग गश्ती वाहनों में विशेष डैशकैम लगाए जाएंगे, जो हर सप्ताह राजमार्गों का सर्वेक्षण करेंगे। ये कैमरे एआई तकनीक के माध्यम से सड़क की सतह, गड्ढों, दरारों और अन्य संरचनात्मक समस्याओं का स्वतः पता लगाएंगे। इससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी।
सुरक्षा खामियों की होगी तुरंत पहचान
नई तकनीक केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी नजर रखेगी। इसमें फीकी पड़ी लेन मार्किंग, क्षतिग्रस्त बैरियर, खराब स्ट्रीट लाइट और अवैध कट या अतिक्रमण जैसी समस्याओं की पहचान शामिल है। इससे दुर्घटनाओं के संभावित कारणों को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
रात के सर्वे से बढ़ेगी प्रभावशीलता
इस पहल के तहत हर महीने कम से कम एक बार रात के समय भी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य संकेतकों, रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था की गुणवत्ता की जांच करना है, जिससे रात में वाहन चलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कदम सड़क सुरक्षा के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
डेटा आधारित निर्णय प्रणाली का विकास
पूरे राजमार्ग नेटवर्क को पांच जोनों में विभाजित किया गया है, जहां से प्राप्त आंकड़ों को एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर संग्रहित और विश्लेषित किया जाएगा। इस डेटा के आधार पर अधिकारियों को समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान के लिए त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी, जिससे रखरखाव की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
भविष्य की स्मार्ट सड़क व्यवस्था की ओर कदम
यह पहल भारत में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एआई आधारित निगरानी प्रणाली न केवल सड़क की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि यातायात सुरक्षा को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। इससे यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।
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