अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में तीन दिवसीय सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य शुभारंभ किया। इस मौके पर सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के खिलाड़ियों ने परेड कर मुख्यमंत्री को सलामी दी।
मुख्यमंत्री साय ने ओलंपिक मशाल जलाकर खेल महाकुंभ की शुरुआत की। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता फोगाट की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है, जिससे विकास बाधित हुआ। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर राज्य सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के अंत की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पहले बस्तर ओलंपिक का सफल आयोजन किया गया था, जिसमें आत्मसमर्पण कर चुके 700 युवाओं ने भी हिस्सा लिया। उसी कड़ी में अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बार सरगुजा ओलंपिक के लिए 3 लाख 49 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। प्रतियोगिता में खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल समेत कुल 12 खेलों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का शुभंकर “गजरू” रखा गया है।
इस दौरान सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, स्थानीय मंत्री, विधायक, बड़ी संख्या में खिलाड़ी और आम नागरिक मौजूद रहे।
सरगुजा ओलंपिक छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देना और युवाओं को खेल के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना है।
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