देश में मौजूदा हालात को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों और उनके भारत पर संभावित प्रभाव का विस्तृत आकलन किया गया।
सभी राज्यों को सतर्क रहना है
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में ये इनपुट नीति निर्माण और स्थिति प्रबंधन के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं, ऐसे में सभी राज्यों को सतर्क रहने, पहले से तैयारी करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
संकट के समय अफवाहें स्थिति को गंभीर बना सकती हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिलाया कि किसी भी संकट के समय अफवाहें और गलत जानकारी स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखें तथा जनता तक समय पर सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की घबराहट या पैनिक की स्थिति न बने।
देश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। इसके बजाय राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को सुचारु बनाए रखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं बिना किसी बाधा के मिलती रहनी चाहिए, इसके लिए राज्य सरकारें विशेष ध्यान दें।
सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति से उबर जाएगा
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव को देखते हुए आर्थिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि देश पहले भी कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर चुका है और इस बार भी सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति से उबर जाएगा। अंत में, उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि वे जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखें और हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाएं, ताकि देश में सामान्य स्थिति बनी रहे और किसी भी प्रकार का संकट व्यापक रूप न ले सके।