मुंबई. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का कार्यकारी चेयरमैन अगले पांच साल के लिए दोबारा नियुक्त करने की प्रक्रिया को खुली चुनौती दी है। 26 अक्टूबर को कंपनी सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय को लिखे पत्र में उन्होंने सितंबर 17 की बोर्ड मीटिंग के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की है। पत्र सभी निदेशकों को भी भेजा गया। नोएल टाटा ने आरोप लगाया कि विवादित प्रस्ताव को अंतिम निर्णय मान लिया गया जबकि मिनट्स अभी तक तय नहीं हुए और उनकी आपत्तियां अनसुलझी हैं। कंपनी ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई।
एजेंडा में नहीं था पुनर्नियुक्ति का जिक्र
नोएल टाटा ने कहा कि 17 सितंबर की बैठक के मूल या संशोधित एजेंडे में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को प्रस्तावित प्रस्ताव के रूप में नहीं बताया गया था। एजेंडा आइटम 7 को नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमिटी से डीब्रीफिंग बताया गया था। संशोधित एजेंडे में आरबीआई के 11 सितंबर के पत्र और संबंधित आवेदनों की चर्चा जोड़ी गई लेकिन पुनर्नियुक्ति का जिक्र फिर भी नहीं था। इसके बावजूद उसी आइटम के तहत प्रस्ताव पेश कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रक्रिया का उल्लंघन बताया।
रिकॉर्डिंग और प्रस्ताव की प्रति न मिलने का आरोप
नोएल टाटा ने लिखा कि रिकॉर्डिंग ही बैठक में हुई कार्यवाही का एकमात्र तटस्थ रिकॉर्ड है। बैठक में मौजूद निदेशक और आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को इसे रोकने का कोई वैध कारण नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मिनट्स अंतिम रूप लेने और उनकी आपत्तियां सुलझने से पहले ही प्रस्ताव को महाराष्ट्र के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज मुंबई के पास दाखिल कर दिया गया। निदेशक होते हुए भी उन्हें प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति नहीं दी गई और उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रसारित संस्करण पर निर्भर रहना पड़ा।
सेलेक्शन कमिटी और वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल
पत्र में कहा गया कि अनुच्छेद 118 के तहत कोई सेलेक्शन कमिटी गठित नहीं की गई जबकि 13 अगस्त से ही इसका अनुरोध किया जा रहा था। अनुच्छेद 104बी के तहत नियुक्त निदेशकों से आवश्यक सकारात्मक वोट भी नहीं लिया गया। नोएल टाटा ने इन बिंदुओं को गंभीर प्रक्रियागत खामी बताया। उन्होंने कंपनी को सात दिन का समय दिया है कि वह रिकॉर्ड और खुलासे उपलब्ध कराए। ऐसा न करने पर प्रतिकूल निष्कर्ष निकाले जाने की चेतावनी दी गई है।
टीवीएस डीलिंग्स और परिवार से जुड़े खुलासे
नोएल टाटा ने टीवीएस मोटर कंपनी और चंद्रशेखरन के निकट परिवार से जुड़ी कंपनी के बीच रिपोर्टेड व्यावसायिक लेनदेन के बारे में खुलासे की मांग की है। निदेशक वेणु श्रीनिवासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। बोर्ड में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के साथ कंपनी की लिस्टिंग का फैसला भी लिया गया था। इन सभी मुद्दों पर स्पष्टता की मांग करते हुए नोएल टाटा ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जोर दिया।
टाटा संस में बढ़ता आंतरिक मतभेद
यह पत्र टाटा संस के अंदर बढ़ते मतभेदों को सामने लाता है। नोएल टाटा ने स्पष्ट किया कि वे निदेशक के रूप में अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग और दस्तावेज उपलब्ध न कराने को गंभीर माना जा रहा है। कंपनी पर दबाव है कि वह सात दिन के अंदर मांगी गई जानकारी दे। टाटा समूह की शीर्ष कंपनी में यह विवाद आगे और कानूनी या बोर्ड स्तर की बहस का रूप ले सकता है। पारदर्शिता और प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल गहरा गए हैं।