कोलकाता: कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर ने रविवार को अपने 75वें स्थापना वर्ष का भव्य उत्सव मनाया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह से ही पूजा-अर्चना, विशेष अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और मां काली की आराधना का सिलसिला चलता रहा।
100 किलो आमों से की गई अनोखी सजावट
स्थापना दिवस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण मंदिर की विशेष सजावट रही। मंदिर समिति की ओर से करीब 100 किलो आमों का उपयोग कर मंदिर को अनोखे अंदाज में सजाया गया। फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के साथ आमों की आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मंदिर पहुंचने वाले भक्तों ने इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, मां काली से मांगा आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां काली के दर्शन किए और सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगल की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
खिचड़ी भोग का हुआ वितरण
स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी भोग का वितरण भी किया गया। सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन का हिस्सा बने। भोग वितरण के दौरान मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि काली मंदिर की 75 वर्षों की यात्रा श्रद्धालुओं के सहयोग और मां काली की कृपा से संभव हुई है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए विशेष आयोजन किए गए। शहर के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे भक्तों ने समारोह में शामिल होकर आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया।
आध्यात्मिक एकता का संदेश
स्थापना दिवस समारोह केवल मंदिर की परंपरा और इतिहास का उत्सव नहीं था, बल्कि इसने श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक एकता, श्रद्धा और भक्ति भाव को भी मजबूत करने का संदेश दिया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द की झलक देखने को मिली।