अयोध्या। सरयू तट पर निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। संग्रहालय में भगवान श्रीराम के वंशजों और सूर्यवंशी इक्ष्वाकु वंश के गौरवशाली इतिहास को समर्पित एक विशेष हाईटेक गैलरी विकसित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं, पर्यटकों और शोधार्थियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। इस गैलरी में प्रभु श्रीराम की 63 पीढ़ियों की वंशावली को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक की सहायता से दर्शक राम वंश के इतिहास, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहजता से समझ सकेंगे। गैलरी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और रामायणकालीन इतिहास से जोड़ना है।
डिजिटल गैलरी तैयार की जा रही
अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक डॉक्टर संजीव सिंह ने बताया कि इक्ष्वाकु वंश की जानकारी के बिना राम कथा का इतिहास अधूरा माना जाता है। इसी दृष्टि से संग्रहालय में एक ऐसी डिजिटल गैलरी तैयार की जा रही है, जहां राम वंश की प्रमुख कड़ियों को तकनीकी माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गैलरी में इक्ष्वाकु वंश के 15 से 20 प्रमुख राजाओं को स्कैनर और इंटरैक्टिव डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। किसी भी राजा की डिजिटल प्रस्तुति पर क्लिक करते ही उसके शासनकाल, ऐतिहासिक योगदान, धार्मिक महत्व और वंश परंपरा से जुड़ी विस्तृत जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। उनके अनुसार यह गैलरी केवल दर्शन का केंद्र नहीं होगी, बल्कि शोध और अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगी।