भोपाल। मध्यप्रदेश में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 संकटग्रस्त, शोषित और बेसहारा बच्चों के लिए प्रभावी सुरक्षा कवच साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक 30 हजार 810 बच्चों को हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं, केवल 15 मई 2026 तक ही 4 हजार 376 बच्चों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा चुकी है।
हजारों मामलों में किया गया त्वरित हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राप्त मामलों में से अब तक 2 हजार 367 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर लगातार कार्य कर रही है।
हाईटेक सिस्टम से लैस हुई हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मिशन वात्सल्य के तहत नए स्वरूप में संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 को अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर रिस्पॉन्स सिस्टम से सुसज्जित किया गया है। हेल्पलाइन केवल बच्चों के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समुचित सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
आपातकालीन कॉल पर तुरंत सक्रिय होता है सिस्टम
हेल्पलाइन पर प्राप्त आपातकालीन कॉल्स पर तत्काल 'रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (RSS-112)' सक्रिय होकर कार्रवाई करता है। वहीं गैर-आपातकालीन मामलों में संबंधित जिला बाल संरक्षण इकाइयां (DCPU) आवश्यक कदम उठाती हैं और बच्चों को सहायता उपलब्ध कराती हैं।
बड़े शहरों में सबसे अधिक सक्रिय रहा नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना जैसे जिलों में हेल्पलाइन नेटवर्क सबसे अधिक सक्रिय रहा है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाकर उन्हें संकट से बाहर निकाला गया है।
बाल श्रम और मानव तस्करी से बच्चों को दिलाई मुक्ति
चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 के माध्यम से हजारों बच्चों को बाल श्रम, हिंसा, शोषण और मानव तस्करी जैसी गंभीर परिस्थितियों से मुक्त कराकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया गया है। सरकार का यह प्रयास बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
हर बच्चे की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि यदि किसी भी बच्चे के साथ शोषण, हिंसा या संकट की स्थिति दिखाई दे तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर सूचना दें।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।