प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और संयम बरतने की अपील की थी। अब प्रधानमंत्री ने खुद इस अपील पर अमल करते हुए अपने सरकारी काफिले की गाड़ियों की संख्या में बड़ी कटौती की है।
गुजरात और असम दौरे में दिखा असर
प्रधानमंत्री के हालिया गुजरात और असम दौरे के दौरान उनके काफिले में वाहनों की संख्या सीमित रखी गई। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह का समझौता नहीं किया गया और SPG प्रोटोकॉल के तहत जरूरी इंतजाम जारी रहे।
देशवासियों से की थी ये अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अनावश्यक पेट्रोल-डीजल खपत कम करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी। उन्होंने ऊर्जा बचत और जिम्मेदार उपभोग पर जोर दिया था।
मुख्यमंत्रियों को भेजा गया एक्शन प्लान
असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कई मुख्यमंत्रियों को ऊर्जा बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर एक एक्शन प्लान भी सौंपा गया। इसमें EV वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव शामिल थे।
CM योगी ने भी जारी किए निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानमंत्री की अपील के बाद प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले की गाड़ियों में 50 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश भी दिए गए।
संकट के बीच ऊर्जा बचत पर फोकस
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दे रही हैं।