हिंदू पंचांग के अनुसार अपरा एकादशी का व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
इस व्रत को करने से व्यक्ति के पुराने पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
भगवान विष्णु की कृपा पाने का दिन
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति जीवन की कठिनाइयों को दूर करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है।
व्रत में क्या करना शुभ होता है
एकादशी के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। गरीबों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
इसके अलावा भूखे को भोजन कराना और प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है।
पूजा और आचरण के नियम
इस दिन शांत मन से भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा करना शुभ होता है। दिनभर कथा सुनना, सात्विक भोजन करना और किसी का अपमान न करना इस व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
व्रत की विधि
व्रत की शुरुआत दशमी तिथि की रात से ही संयम और शांति के साथ करनी चाहिए। अगले दिन सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और पूरे दिन व्रत रखा जाता है।