नई दिल्ली: देश के मौसम में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्य भीषण हीटवेव (Heatwave) और झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
राजस्थान में 'आसमान से बरस रही आग'
राजस्थान के बाड़मेर में मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई। यहां पारा 48.3°C तक पहुंच गया, जिससे यह लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। अन्य जिलों का हाल भी बुरा रहा:
बाड़मेर: 48.3°C
फलोदी: 46.4°C
जैसलमेर: 45.8°C
चित्तौड़गढ़: 45.6°C
बीकानेर: 45°C
आंधी-तूफान ने ली जान: बिहार और महाराष्ट्र में हाहाकार
भीषण गर्मी के बीच कई राज्यों में मौसम ने ऐसी करवट ली कि मौत का तांडव मच गया:
बिहार: जमुई और बांका में आकाशीय बिजली (Lightening) गिरने से एक बच्चे सहित 5 लोगों की जान चली गई।
महाराष्ट्र: सांगली में चली तेज आंधी के कारण एक मंदिर की दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से 6 लोगों की मौत हो गई।
केरल: मलप्पुरम में भी बिजली गिरने की घटनाओं में 4 लोग मारे गए।
उत्तर प्रदेश: बरेली और रामपुर में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने तबाही मचाई। सड़कों पर पेड़ और खंभे गिर गए, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
MP और हरियाणा में गिरे ओले
मध्य प्रदेश के निवाड़ी (बीजौर) और हरियाणा के पिनगवा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं गुरुग्राम, पंचकूला और करनाल में झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एमपी के रतलाम में गर्मी का असर जारी रहा और पारा 46.5°C रिकॉर्ड हुआ।
अगले 2 दिनों का पूर्वानुमान (IMD Alert)
14 मई
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी यूपी में 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बारिश की संभावना। पहाड़ी राज्यों (J&K, हिमाचल, उत्तराखंड) में ओलावृष्टि का अलर्ट। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने की आशंका।
15 मई
राजस्थान में भीषण लू चलेगी, रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। झारखंड में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अनुमान। दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश) में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी।
मानसून को लेकर अच्छी खबर
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस हफ्ते के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 20 मई तक अंडमान पहुंचता है और 1 जून को केरल में दस्तक देता है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में और मजबूत होने की उम्मीद है।