प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में लगभग 33,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल भारत की राजधानी ही नहीं, बल्कि देश की पहचान और ऊर्जा का प्रतीक भी है। राजधानी का विकास सीधे पूरे देश की छवि से जुड़ा है।
विकास और नई उम्मीद का संदेश
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब दुनिया भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के बारे में सोचती है, तो सबसे पहले दिल्ली की तस्वीर उभरती है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के जरिए राजधानी में विकास को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण तक, सभी परियोजनाएं दिल्ली के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हैं। उन्होंने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा एक साल पहले की गई नई शुरुआत का परिणाम अब दिखाई दे रहा है, और सभी नागरिकों को इस विकास की धारा के लिए बधाई दी।
मेट्रो विस्तार और नई कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में दिल्ली को नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए मेरठ से जोड़ा गया है, जिससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा आसान हो गई है। मेट्रो फेज-4 के विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अब 375 किलोमीटर से अधिक लंबा हो गया है, जो दुनिया के कई बड़े शहरों से भी बड़ा है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो के नए सेक्शन के शुरू होने से राजधानी के लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। विशेषकर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के निवासियों के लिए रोजाना का सफर पहले से आसान होगा। इसके अलावा गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर शहरों से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आवागमन और भी सुगम होगा।
नए कॉरिडोर का उद्घाटन
इस अवसर पर दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया।
- मजलिस पार्क–मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन): लगभग 12.3 किलोमीटर
- दीपाली चौक–मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन): लगभग 9.9 किलोमीटर
- नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़ और भलस्वा जैसे इलाकों को लाभ मिलेगा।
फेज-4 के तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला
प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी।
- आरके आश्रम मार्ग – इंद्रप्रस्थ
- एयरोसिटी – इंदिरा गांधी हवाई अड्डा (टर्मिनल-1)
- तुगलकाबाद – कालिंदी कुंज
इन कॉरिडोरों से दिल्ली, नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डा के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रियों के लिए सफर अधिक सुविधाजनक बनेगा।
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