देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कांग्रेस के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है। खराब मौसम के कारण वह अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास किया। कांग्रेस इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है।
खराब मौसम ने बदला राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी गुरुवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे थे। उनका पहला बड़ा कार्यक्रम अल्मोड़ा के सिमकली मैदान में आयोजित जनसभा था, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। पंतनगर एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर के जरिए अल्मोड़ा रवाना होने के बाद खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा कारणों से आगे की उड़ान को मंजूरी नहीं मिली, जिससे उनका अल्मोड़ा पहुंचने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
फोन से कार्यकर्ताओं में भरा जोश
हालांकि खराब मौसम के बावजूद कांग्रेस ने कार्यक्रम को रद्द नहीं किया। राहुल गांधी ने फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का संदेश दिया। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के संवाद से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और चुनावी तैयारी को गति मिलेगी।
पूर्व सैनिकों से संवाद पर कांग्रेस की नजर
उत्तराखंड को सैनिक बहुल राज्य माना जाता है और कांग्रेस इस वर्ग को साधने की कोशिश में जुटी है। राहुल गांधी का पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों से संवाद का कार्यक्रम भी तय किया गया है। पार्टी का मानना है कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। राहुल गांधी कंडोलिया मैदान में पूर्व सैनिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे, जिससे पार्टी को जमीनी मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी।
देहरादून में चुनावी रणनीति पर मंथन
दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी देहरादून में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने की दिशा में काम कर रहा है।
अंकिता भंडारी मुद्दे को लेकर भी थी नजर
राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी का यह दौरा अंकिता भंडारी हत्याकांड के कारण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। माना जा रहा था कि राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले को लेकर राज्य सरकार को घेर सकते हैं। हालांकि खराब मौसम के कारण उनका यह कार्यक्रम नहीं हो सका। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार मौसम अनुकूल होने पर भविष्य में इस दौरे का नया कार्यक्रम तय किया जा सकता है।
बीजेपी ने साधा निशाना
राहुल गांधी के दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उत्तराखंड सरकार में मंत्री गणेश जोशी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां अंततः भाजपा को ही राजनीतिक लाभ मिलता है। उन्होंने राहुल गांधी को भाजपा का "स्टार प्रचारक" बताते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा।