भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का प्रतिष्ठित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah University), जिसे 1970 में स्थापित किया गया था, अब नया नाम वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय (Vagdevi Bhopal University) होने जा रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद लिया गया। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया राज्य शासन और मध्य प्रदेश विधानसभा की मंजूरी के बाद आधिकारिक रूप से लागू होगी।
नाम परिवर्तन का प्रस्ताव और प्रक्रिया
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय कार्य परिषद ने प्रस्ताव पास कर दिया है। अब प्रशासन इसे मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगा। इसके बाद यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी और विधानसभा में संशोधन विधेयक (Amendment Bill) के जरिए पास कराया जाएगा। ये विधेयक पास होने और राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद, नए नाम की अधिसूचना राज्य के राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से विश्वविद्यालय का नया नाम वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय आधिकारिक रूप से लागू होगा। इसके बाद सभी दस्तावेज, डिग्रियां और बोर्ड नए नाम के अनुसार जारी किए जाएंगे।
इतिहास और पृष्ठभूमि
भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की स्थापना 1970 में हुई थी,जिसका शुरूआती नाम भोपाल विश्वविद्यालय था,जिसे 1988 में महान स्वतंत्रता सेनानी प्रो. बरकतुल्लाह की स्मृति में रख दिया गया,लगभग 400 एकड़ क्षेत्र में फैले इस विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, विभिन्न विभागों के ब्लॉक, छात्रावास, शारीरिक शिक्षा भवन, अतिथि गृह, डाकघर, बैंक शाखा, मुद्रण प्रेस और संकाय क्लब जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। इसका प्रादेशिक क्षेत्र आठ जिलों भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, बेतूल और रायगढ़ तक फैला हुआ है,और इसके बैतूल व ब्यावरा में विस्तार केंद्र भी हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में इंजीनियरिंग, शिक्षा, मेडिकल, तकनीकी और भाषा संस्थान शामिल हैं। उच्च शिक्षा के लगभग सभी क्षेत्रों को कवर करते हुए यह कला, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, चिकित्सा, वाणिज्य, प्रबंधन, विधि, इंजीनियरिंग, शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम प्रदान करता है।