नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) मजबूत होने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे तेल बाजार पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 67 सेंट यानी 0.69 प्रतिशत गिरकर 97.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 62 सेंट यानी 0.65 प्रतिशत टूटकर 95.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
सीजफायर से बढ़ी शांति की उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल की कीमतों में यह गिरावट इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को लागू करने पर बनी सहमति का असर है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि यह समझौता सफल रहता है तो पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है।
निवेशकों की नजर क्षेत्रीय हालात पर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता बढ़ने से अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े व्यापक संघर्ष के समाधान की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं। यही वजह है कि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख कम किया और तेल बाजार में बिकवाली देखने को मिली।
आगे भी उतार-चढ़ाव संभव
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में क्षेत्रीय घटनाक्रम और कूटनीतिक प्रयासों के आधार पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, सीजफायर की खबर ने वैश्विक बाजारों को राहत दी है और तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिसका असर आने वाले समय में ऊर्जा बाजार और महंगाई पर भी पड़ सकता है।