श्रीनगर/देहरादून। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तैयारियां कर रहे श्रद्धालुओं को इस वर्ष भी हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने लगातार दूसरे साल अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जहां सुरक्षा एजेंसियों को राहत मिली है, वहीं बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर लिया गया फैसला
अधिकारियों के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को स्थगित रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यात्रा अवधि के दौरान हवाई निगरानी, सुरक्षाबलों की तैनाती और आपातकालीन अभियानों को प्राथमिकता देना जरूरी है। पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
पैदल, घोड़े और पालकी से करनी होगी यात्रा
हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने के बाद श्रद्धालुओं को पहलगाम और बालटाल मार्ग से पारंपरिक तरीके से यात्रा करनी होगी। यात्री पैदल, घोड़े, खच्चर या पालकी के माध्यम से पवित्र गुफा तक पहुंच सकेंगे। विशेष रूप से बुजुर्ग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह फैसला चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें कठिन पहाड़ी रास्तों का सामना करना पड़ेगा।
ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे यात्रा मार्ग और बेस कैंपों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और बचाव दलों को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है।
चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
एक ओर जहां अमरनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने से श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ धाम में अब तक 10.50 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं बद्रीनाथ धाम में 8.32 लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं।
18 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
दोनों प्रमुख धामों को मिलाकर अब तक 18 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण प्रशासन को यातायात, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण कराने, मौसम संबंधी जानकारी लेने और यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और सुविधा के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।