मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादला) संबंधी नई नीति और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और अनुमोदन की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की है।
8 जून तक कर सकेंगे स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन
विभागीय निर्देशों के अनुसार स्वैच्छिक स्थानांतरण के इच्छुक अधिकारी और कर्मचारी 8 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित मापदंडों के आधार पर आवेदनों का परीक्षण और अनुमोदन किया जाएगा। आवेदकों को सीमित संख्या में ही पदस्थापना विकल्प चुनने होंगे।
छात्रावास और आश्रम अधीक्षक पदों पर नहीं होंगे तबादले
नई नीति के तहत छात्रावास अधीक्षक और आश्रम अधीक्षक के पदों पर स्थानांतरण के माध्यम से पदस्थापना नहीं की जाएगी। स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों को अपने दावों और कारणों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन जमा होने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गलत जानकारी देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि आवेदन में दर्ज सभी जानकारियों की जिम्मेदारी संबंधित आवेदक की होगी। वहीं, जानकारी का सत्यापन करने वाले आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) भी इसके लिए जवाबदेह होंगे। यदि आवेदन में किसी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो आवेदक और सत्यापन अधिकारी दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर उपलब्ध होगी रिक्त पदों की जानकारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी रिक्त पदों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। आवेदक द्वारा चुने गए विकल्पों में यदि कोई पद रिक्त नहीं होगा तो उसे किसी अन्य संस्थान में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। राज्य स्तर से जारी प्रशासनिक या स्वैच्छिक तबादला आदेश जिला स्तर पर स्वतः प्रभावी होंगे।
उच्च पद का प्रभार संभाल रहे कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
निर्देशों के मुताबिक जो कर्मचारी वर्तमान में किसी उच्च पद का प्रभार संभाल रहे हैं, उनके स्थानांतरण का निर्धारण उसी उच्च पद के आधार पर किया जाएगा। इससे ऐसे कर्मचारियों की सेवा स्थिति और पदस्थापना में स्पष्टता बनी रहेगी।
रिक्त विषयों पर ही होंगे शिक्षकों के स्थानांतरण
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों के स्थानांतरण केवल संबंधित विषय के रिक्त पदों पर ही किए जाएंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिवीक्षा अवधि (Probation Period) में कार्यरत प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के प्रशासनिक अथवा स्वैच्छिक तबादले नहीं किए जाएंगे।
पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था पर जोर
जनजातीय कार्य विभाग की नई तबादला नीति का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाना है, ताकि कर्मचारियों को स्पष्ट प्रक्रिया के तहत पदस्थापना का अवसर मिल सके और विभागीय कार्यों में सुचारुता बनी रहे।