मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित मिमिक्री को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के मंच पर एक कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री के अंदाज, विदेश नीति और उनकी शैली की नकल करने तथा इस दौरान राहुल गांधी की मौजूदगी पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ी आपत्ति जताई है।
इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मची सनसनी
शनिवार को इंदौर में आयोजित इस बड़े युवा सम्मेलन में भारी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे। कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किए गए एक वीडियो के अनुसार, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे, तब एक हास्य कलाकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के ढंग, हाव-भाव और विदेश नीति को दर्शाते हुए उनकी मिमिक्री की। इस दौरान मंच पर मौजूद राहुल गांधी को भी उस प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया देते हुए देखा गया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बीजेपी का तीखा हमला और धामी की प्रतिक्रिया
इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुँचाना और इस तरह की ओछी हरकतें करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उनका यह भी कहना था कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इस प्रकार की प्रस्तुतियों में व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादाओं को ताक पर रखना बेहद निंदनीय है। अन्य बीजेपी नेताओं ने भी इसे संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
शिक्षा व्यवस्था और 'अंधभक्त' को लेकर राहुल का हमला
विवादों के बीच यह कार्यक्रम छात्रों के बीच काफी चर्चा का विषय रहा, जहां कांग्रेस ने इसे बड़ी सफलता बताया है। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में युवाओं को कुशल छात्र या प्रोफेशनल बनाने के बजाय वैचारिक रूप से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे देश की शिक्षण प्रणालियां प्रभावित हो रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया माहौल
प्रधानमंत्री की मिमिक्री और उस पर बने इस नए सियासी घमासान ने देश की राजनीति में एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां बीजेपी इसे शालीनता और राजनीतिक संस्कृति का पतन बता रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी जनता और समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।