नई दिल्ली- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच आखिरकार दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
CM रेखा गुप्ता का पहला बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का फैसला मेहनती छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों और उनकी मेहनत पर चोट पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली में 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। इस दौरान कई छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा, जबकि आंदोलनकारियों ने भी दिल्ली सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।
PM मोदी ने किया था बड़ा ऐलान
बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक को "घोर पाप" बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।
छात्र आंदोलन पर सियासत जारी
NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक ओर केंद्र और दिल्ली सरकार छात्रों के हितों की रक्षा का भरोसा दे रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर देरी से प्रतिक्रिया देने और छात्रों की आवाज दबाने के आरोप लगा रहा है।