कोलकाता, 7 जून 2026: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की आबकारी नीति (Excise Policy) और उसमें हुए कथित घोटालों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को कोलकाता में 1,000 से अधिक लाइसेंसी विदेशी शराब (FL) दुकान मालिकों के संगठन 'सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ वेस्ट बंगाल फॉरेन लिकर लाइसेंसेस' ने एक प्रेस मीट का आयोजन किया। इस मंच से जहां व्यापारियों ने नीतिगत सुधारों की मांग की, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रख्यात बीजेपी नेता श्री शंकुदेव पांडा ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर जबरन वसूली ('तोलाबाजी') का सीधा और बेहद गंभीर आरोप लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए शंकुदेव पांडा ने कहा, "अब तक राज्य की पूरी आबकारी नीति सिर्फ और सिर्फ अभिषेक बनर्जी केंद्रित थी। इस व्यापार के जरिए राज्य के राजस्व (Revenue) में इन व्यापारियों का योगदान लगभग 400 से 550 करोड़ रुपये का था। लेकिन हमारा रुख बहुत स्पष्ट है; लगभग 400 करोड़ रुपये तो अकेले अभिषेक बनर्जी चोरी करके ले जाते थे। साधारण शराब की प्रति बोतल पर 3 रुपये और थोड़ी सोफिस्टिकेटेड (महंगी) बोतल पर 5 रुपये का उनका फिक्स कमीशन था।"
'हर दुकान से लाखों वसूलते थे टीएमसी के छोटे-मोटे नेता'
बीजेपी नेता ने जमीनी स्तर पर दुकानदारों के उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के छोटे-मोटे स्थानीय नेता हर शराब दुकान से लाख-लाख रुपये की अवैध वसूली करते थे। इस दोहरी मार का असर सीधे तौर पर राज्य सरकार के खजाने और आम जनता की जेब पर पड़ता था।
शंकुदेव पांडा ने व्यापारियों और आबकारी विभाग को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हमने आज साफ कर दिया है कि नई सरकार में किसी भी स्तर पर कोई 'तोलाबाजी' नहीं चलेगी। नीचे दुकान से लेकर ऊपर फैक्ट्री तक, किसी को भी अवैध पैसा देने की जरूरत नहीं है। आप सभी कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष व्यापार करें। सरकार की जो नीति होगी, उसका पालन करना होगा और स्कूलों के पास दुकान न खोलने जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। जो लोग अवैध मदिरा का धंधा करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर दुकानें बंद कराई जाएंगी।”
क्या बंगाल में बंद हो जाएगी शराब? पांडा ने दिया जवाब
TMC द्वारा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैलाए जा रहे इस दावे पर कि 'बीजेपी सरकार आने के बाद बंगाल में शराब पूरी तरह बंद कर दी जाएगी', शंकुदेव पांडा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, *"यह बात कौन कह रहा है? जाहिर है कि टीएमसी के लोग। सरकार की जो नीति है, वह आप सभी पहले से जानते हैं। अगर भविष्य में कोई नई नीति आती है या बदलाव होता है, तो उसकी जानकारी भी पारदर्शी तरीके से सामने आ जाएगी।
सरकारी वितरण व्यवस्था (WebTa) के जरिए अभिषेक बनर्जी द्वारा संचालित कंपनियों के एकाधिकार के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल विशिष्ट कंपनियों के एकाधिकार की तकनीकी जानकारी उनके पास नहीं है क्योंकि यह सरकारी संगठन संचालित करता है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पेशल पर्पज फीस या राउंड अप के नाम पर अभिषेक बनर्जी जो अवैध वसूली करते थे, वह पूरी तरह बंद होगी।
व्यापारियों ने सरकार के सामने रखीं ये 7 मुख्य मांगें:
इससे पहले, सोसाइटी के सचिव श्री बिजोन पात्रा और सीबीआई के पूर्व एसपी श्री शांतनु कर की मौजूदगी में संगठन ने अपनी 7 सूत्री मांगें रखीं:
ट्रेड मार्जिन का युक्तिकरण: परिचालन और व्यावसायिक खर्चों को देखते हुए व्यापारियों के मार्जिन को तर्कसंगत बनाया जाए।
अवैध शराब पर प्रतिबंध: नकली और अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण रोक लगे।
फीस की समीक्षा और सरलीकरण: विभिन्न शुल्कों की समीक्षा की जाए और नियामक बाधाओं (Administrative Bottlenecks) को खत्म कर पारदर्शिता लाई जाए।
2003 से कार्यरत इस संस्था ने साफ किया कि वे राज्य के राजस्व को बढ़ाने और एक पारदर्शी, भयमुक्त व्यापारिक माहौल बनाने के लिए नई सरकार और आबकारी विभाग के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।