कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चुनाव आयोग को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के एंटी-इन्कंबेंसी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े बयानों पर सवाल उठाए।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक समझ ‘शून्य’ है। उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का दिया हवाला
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के एंटी-इन्कंबेंसी संबंधी तर्क का जवाब देते हुए पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा समेत अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारतीय राजनीति को लंबे समय से देखने की बात करते हैं, लेकिन विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की चुनावी स्थिति के इतिहास को भी ध्यान में रखना चाहिए। त्रिवेदी ने एंटी-इन्कंबेंसी को लेकर राहुल गांधी के तर्क पर इसी आधार पर सवाल उठाया।
‘अमेठी-रायबरेली में सहयोगियों की भूमिका’
त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस की पारंपरिक सीटों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने दम पर अमेठी और रायबरेली जैसी सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सकती और सहयोगी दलों के समर्थन की जरूरत पड़ती है।उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के वायनाड चुनाव को लेकर भी सहयोगी समर्थन का जिक्र किया।
चुनावी आरोपों के आधार पर भी सवाल
भाजपा नेता ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पेश की गई रिपोर्ट और दावों के स्रोत पर सवाल उठाया। त्रिवेदी ने कहा कि जिन रिपोर्टों का हवाला दिया जा रहा है, उनके आधार और स्रोत को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की थी और चुनावों में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भाजपा की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई।