कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली डबल इंजन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। लोक भवन में 35 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने विधानसभा हस्ताक्षर कांड, लक्ष्मी भंडार योजना और अन्नपूर्णा योजना को लेकर विपक्ष को घेरा।
विधानसभा हस्ताक्षर कांड पर तृणमूल पर हमला
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने ही विधायकों के हस्ताक्षर जाली बनाए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "सभी चोरों की पाठशाला कालीघाट की टालार छाला है। सत्ता से बाहर जाने के बाद भी तृणमूल की चोरी की आदत नहीं गई है।"
'अपने ही विधायकों के साथ की धोखाधड़ी'
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल के दो विधायकों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, जबकि तीन विधायकों ने स्पष्ट कहा है कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ही पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की कथित धोखाधड़ी बंगाल की राजनीति के लिए चिंताजनक है।
जांच में सहयोग करने वालों को राहत का संकेत
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हस्ताक्षर जालसाजी मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, जो लोग जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे, उनके मामलों पर अलग दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी।
अन्नपूर्णा योजना पर दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना को लेकर जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों को हर हाल में सहायता राशि मिलेगी। उन्होंने कहा, "सरकार जनता को सालाना 36 हजार रुपये देगी। यह पैसा जनता का है, किसी राजनीतिक दल का नहीं। सभी योग्य लोगों तक लाभ पहुंचेगा, इसलिए जल्दबाजी न करें।"
लक्ष्मी भंडार में फर्जी खातों का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लक्ष्मी भंडार योजना में 22 फर्जी खाते पाए गए हैं, जिनके जरिए पुरुष लाभार्थियों ने महिलाओं के नाम पर पैसा प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच तेज कर दी गई है और संबंधित खातों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
अन्नपूर्णा योजना पर 'भ्रामक प्रचार' का आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि अन्नपूर्णा योजना को लेकर विपक्ष द्वारा गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अब वही लोग विभिन्न क्षेत्रों में फॉर्म भरवाने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, 20 वरिष्ठ अधिकारी जिलों में जाकर योजना के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं और जल्द ही बड़ी संख्या में लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
एसआईटी गठन का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा,"किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील
सुवेंदु अधिकारी ने जनता से कानून हाथ में न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत की जानकारी प्रशासन को दें और सरकार पर भरोसा रखें। मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की।